How to become a good teacher,1 अच्छे टीचर कैसे बने

हमारे School के दिनों में कुछ ऐसे Teachers आये होंगे जिनको आप अभी तक भूल पाये न होंगे,आप अभी भी उनके बारेमे कभी कभी बात कर रहे होंगे की यार वो क्या Teacher थे,क्या पढ़ाते थे,मजा आ जाता था और कुछ ऐसे थे की बहुत boring लगते थे,class में बैठने की भी इच्छा नही होती थी,हरबार ऐसा लगता था की आज क्लास bunk कर दू.

Teacher

Teachers in my life

एक थे Mr.Vadia Sir वह Secondary School में Maths पढ़ाते थे बहुत boring था उनका Teaching style,Maths के टीचर थे लेकिन जैसे Hindi पढ़ाते हो,हस्ते हस्ते(laugh) पढ़ाना अगर किसीको कुछ बोलेंगे तो सुनेगा भी नही,जैसे की किसीको बोला की ऐय class में आवाज मत कर तो वह उनकी बात भी नही सुनेगा और अपनी बातचीत जारी रखेगा,इतने धीरेसे बोलना की सुनाई ही न दे,board पे सिर्फ लिखते ही जाना,न अच्छी तरीके से समजाना की यह Sum का answer कैसे आता हे| न ही पढ़ाई के बीचमे कोई अच्छी बात, कुछ नही,ऐसे लगता था जैसे सिर्फ  अपना 30 minute का time ही निकालने के लिए आये हो,हम उनके Week में 2,3 Period तो bunk ही कर देते थे.

दूसरे थे Mr. Harish Sir वह College First year में Statistics  पढ़ाते थे,वह पढ़ाते तो खूब अच्छा थे जैसे पूरा Sum बोर्ड पर लिखकर समजाना,एकदम तेज आवाज से बोलना,और उनकी सौम्य आवाज,लेकिन उनकी एक Specialty थी,55 मिनट के Lecture में वह Last की 15 मिनट कोई अच्छी story कहने के लिए छोड़ देते थे,हररोज नई नई स्टोरी कहना,हमको यह बड़ा अच्छा लगता था हम Lecture के दरमियान यही सोचा करते थे जल्दीसे ये 40 मिनट खत्म हो जाये और स्टोरी का टाइम आ जाये, तो ऐसे पढ़नेमे भी मजा आता था पूरा क्लास Students से full रहता था.

तीसरे थे Mr. Rahul Mehta Sir ये College में English पढ़ाते थे, यह तो क्या Teacher थे केवल हमारा क्लास वाले ही नही लेकिन दूसरे क्लास वाले भी उन लोगो का लेक्चर छोड़कर उनका लेक्चर attend करने आते थे, उनके बोलनेकी Style, भरावदार आवाज,उनका English तो जोरदार था ही लेकिन उनकी एक बढ़िया स्टाइल थी जैसे वह कोई Topic पढ़ा रहे हो और उसमे किसीका जिक्र आ गया जैसे Maharani Victoria written this story तो वह महारानी विक्टोरिया के बारेमे बहुत कुछ बता देते थे,मतलब की ऐसा नही की जो केवल Books में हे वही पढ़ाना लेकिन और भी बुक्स के बहारका knowledge भी Students को देना जिससे पढ़नेका मजा आ जाता था और यही उनकी Unique Style थी जिससे स्टूडेंट उनकी क्लास में खिचे चले आते थे,उनकी टीचिंग ही ऐसी थी की कोई क्लास में आवाज ही नही करता था सब मन लगाकर पढ़ते थे,उनको कभी क्लास में Strict  नही होना पड़ता था.

चौथे थे Mr. Hanif Sir यह Primary School में ही Maths पढ़ाते थे उनकी Teaching style तो बहुत ही बढ़िया थी,लेकिन वह बहुत ही Strict थे,उनकी क्लास में जब वह पढ़ाते हो तो हम अपनी मुंडी(Head) भी घुमा नही पाते थे बस उनकी और ही देखना पड़ता था,वरना मार पड़ती थी और Homework में भी स्ट्रिक्ट,अगर होमवर्क नही लाये तो मर गए,लेकिन जो हो उनके दर(fear) की वजह से हमे सहीसे पढ़ना ही पड़ता था,और सब स्टूडेंट सच्छे मार्क्स से पास भी होते थे.

और कुछ थे जो केवल बुक्स में से पढ़कर बोलते ही जाते थे,न कुछ समजाना,कुछ नही,ऐसा लगता था की वह अपने लिए ही पढाई कर रहे हो.

तो हरेक Teacher की ऐसी ऐसी Different,Different Teaching Style होती हे,आपको इसमेसे कोनसी पसंद आई?

और यदि आप Teacher हो या बनना चाहते हो तो ऐसी कोई Unique स्टाइल अपने अंदर Develop  कीजिये जिससे की स्टूडेंट खिचे चले आये,आपको कभी अपने क्लास में स्ट्रिक्ट न होना पड़े,और स्टूडेंट को आप बहुत ही पसंद आये और वह पूरी Life आपको याद करते रहे और बोलते रहे की यार वह क्या Teacher थे….यही सही मायनेमे Value for Job हे.


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