Life में Success होना हे,कुछ बड़ा करना हे तो change your attitude

 
Attitude-कितने लोग होते हे उनको छोटेमोटे काम करनेमे शर्म(Shame) आती हे जेसे घर की कोई छोटीमोती चीजे Market में  खरीदने जाना हो,घर की साफ़ सफाई करनी हो,घरमे पानी नही आ रहा और बाहर पानी लेने जाना हो, ऐसे कोई भी छोटे काम को करनेमे उनको शर्म आती हे,कितनी बार तो हमने किसी को बोलते भी सुना होगा की में इतना पढ़ा लिखा हु में ये काम करूंगा? में Manager हु, मेरे पिताजी MLA हे, में यह काम करूंगा?लोग क्या बात करेंगे? मेरी Reputation,इज्जत का क्या होगा?
Attitude
 

What is His Attitude?

अभी थोड़े दिनों पहले में मेरे गॉव(Village) गया था वहा हम लोग बेठे हुए थे वहा पर हमारे साथ गॉव के सरपंच का लड़का भी बेठा हुआ था,हम लोग पहले साथ में ही पढ़ते थे,वह ज्यादा नही पढ़ा हे,12 वि तक ही पढ़ा हे,मेने उससे पूछा की अभी क्या कर रहे हो? उसने बताया की घर पर ही रहता हु,मेने पूछा की क्यों?तो उसने बताया की ज्यादा तो पढ़ा लिखा हु नही जो अच्छी Job मिलेगी,मैंने कहा की यहा गाव के आसपास तो बहुत सी Factories हे तो तुमको कोई न कोई Job तो जरुर मिल जाएगी,तो उसने जवाब दिया की मेरा बाप गॉव का सरपंच हे और हम लोग जमींदार भी हे अगर में छोटी मोती Job करूंगा तो हमारी reputation का क्या होगा? लोग हमारे बारेमे क्या बात करेंगे,और में सरपंच का लड़का होके छोटी मोती Job करू? कभी नही.
 
बहुत समय पहले की बात हे 1 घुड़सवार था वह जब कही जा रहा था तब उसने देखा की कुछ सेनिक(Soldier) 1 बड़ा लकड़ी का गट्ठा उठानेकी नाकाम कोशिस कर रहे थे,उस समय उनका सेनापति(Commander) भी वहा मौजूद था वह वहा खड़े खड़े यह देख रहा था,वह घुड़सवार ने सेनापति(Commander) से पूछा की वह उनकी मदद क्यों नही करता,तब सेनापति ने जवाब दिया की,में इनका सेनापति हु,और मेरा काम उनको आदेश देना हे काम करना नही,तब घुड़सवार अपने घोड़े से निचे उतरकर उन सेनिकों के पास गया और उनकी लकड़ी का गट्ठा उठाने मे मदद की और उसकी मदद से वह लकड़ी का गट्ठा उठ गया बाद में वह घुड़सवार कुछ बोले बिना चुपचाप घोड़े पर सवार हो गया,और वहासे जाते जाते सेनापति से बोला की अब अगली बार तुम्हारे सेनिको को मदद की जरूरत पड़े तो तुम अपने Commander in chief को बुलवा लेना,जब वह घुड़सवार वहासे चला गया तब बाद में वह सेनापति को यह पता चला की वह घुड़सवार जिसने उसके सेनिको की मदद की वह और कोई नही “George Washington” थे.
 
तो अब आप यह story के पीछे का तात्पर्य समज ही गये होंगे की हमे काम(Work) चाहे छोटा हो या बड़ा उसको करने मे शर्म(Shyness) रखनी नही चाहिए,क्युकी कोई भी व्यक्ति अपने कार्यो से महान होता हे नाम से नही,व्यक्ति छोटे मोटे कार्यो से ही बड़ा बनता हे,सीधा वह कोई काम किया और बड़ा नही बन जाता,आप किसी भी बड़े आदमीको देख लीजिये उन्होंने पहले छोटेसे ही शुरुआत की होगी और बाद में बड़े बने होंगे.
 
हमे भी यदि कुछ बड़ा करना हे, Success होना हे तो हमारे अंदर की शर्म(Shyness) को,Attitude को बहार निकाल फेकना होगा क्युकी व्यक्ति को आगे बढने में सबसे बड़ी रुकावट यही हे,शुरुआत तो करनी ही होगी,बिना शुरुआत किये तो आगे जा नही पाएंगे,सफल वही होता हे जो कोई भी काम को करनेमे शर्म नही रखता.


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