We can achieve everything which we want,read this story in hindi

 “Achieve” हमारे India में एक कहावत हे की “जितनी चादर हो उतने ही पैर फैलाने चाहिए” मतलब की जितना हमारे पास हे उसमे ही हमे संतोष मानना चाहिए,हमे बड़ी बड़ी बाते सोचना नही चाहिए,की मुझे यह करना हे वह करना हे,यह खरीदना हे वह खरीदना हे,मतलब की हमारी जितनी हैसियत हे उससे ज्यादा हमे सपने देखने नही चाहिए
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 Achieve

We can Achieve everything which we want

लेकिन अब इस कहावत में थोड़ा change हो गया हे अब “जितने लम्बे हमारे पैर हो उतनी चादर हमे खरीद लेनी चाहिए” मतलब की जितनी उची हमारी ख्वाइसे हे,Dream हे वह हासिल करनेके लिए हमे हमारी काबिलियत(Ability) से,हमारी मेहनत(Hard work) से हाशिल कर लेना चाहिए.

मतलब की पहले क्या होता था की जब हम कोई बड़ी चीज सोचेंगे और किसीको बताएंगे की में यह करना चाहता हु तो वह तुरंत ही हमे सुना देता की भाई “हमारे पास जितनी चादर हो ना उतने ही पैर फैलाने चाहिए” तो तब हमारी ख्वाइशों पे,हमारे सपनो पे तभी पूर्ण विराम लग जाता था,और हम भी मान लेते थे की यार वह बरोबर ही कह रहा था,तो हम भी बादमे आगे सोचना बंध कर देते थे.

लेकिन अब क्या होता हे जैसे कोई यह कहावत हमे सुनाएगा तभी हम नई वाली कहावत उसे सुना देंगे की भाई “में जितने लम्बे मेरे पैर हे उतनी लम्बी चादर खरीद लूंगा” तो वह पूछेगा की कैसे तो में कहूँगा मेरी Hard Work और मेरी Ability से तो अब सामने वाले की चुप हो जाती हे.

How we can Achieve?

में एक बार शाम को  पैसे निकलने के लिए एक ATM पे गया था,वहा पे Security Guard ATM की Security के लिए रहते हे, मेने उसे वहा देखा,और जब दूसरे दिन सुबह में में Shop पे कुछ खरीदने गया वहा पर भी एक ATM था तब मेने उसे वहा पर भी देखा पहले तो मुझे doubt हुआ की वह उसके जैसे दिखने वाला कोई और आदमी होगा,लेकिन मुझे जिज्ञासा हुई तो मेने उससे पूछा की आप सामको उस ATM पर थे ना? तो वह बोला की हां,फिर मेने पूछा की आपकी Duty तो 12 घंटे की होती हे ना तो यह कैसे,वह बोला की में 24 घंटे की Duty करता हु,वहा ड्यूटी खत्म करके बादमे यहाँ आता हु,सोचिये कैसी लगन और मेहतन कुछ पानेकी,सिक्योरिटी की job और वह भी 24 घंटे, यह बहुत difficult हे क्युकी Night duty में तो उन्हें पूरी रात जगना पड़ता हे.

How Colonel Sanders Achieve

इसके अनुसंधान में एक बहुत ही Inseparable Story हे जो में आपको  बताने जा रहा हु, Mr. Colonel sanders (Founder of KFC) वह जब 65 साल की उम्र के थे तब उनके पास पूंजी के नाम पर सिर्फ एक पुरानी Car और सामाजिक सुरक्षा योजना(Social Security Scheme) से मिला 100 dollar का Cheque ही था ,मतलब की उस समय उनके पास कुछ भी नही था वह एकदम शून्य थे लेकिन उनके सपने,ख्वाइसे बहुत ऊँची थी,उन्होंने सोचा की मुझे मेरी Life बेहतर बनानी चाहिए,मगर कैसे,मेरे पास हे तो कुछ भी नही,ऐसा में क्या करू,क्या करू,फिर बहुत सोचने के बाद उन्हें अपनी माँ का फ्राइड चिकेन(fried chicken ) बनानेका नुस्खा याद आया,और वह उसे बेचने निकल पड़े,क्या हम जानते हे की पहला order मिलने के लिए अन्हे किनती चोखट के दरवाजे खटखटाने पड़े होंगे,एक अंदाज के मुताबिक पहले order मिलने से पहले उन्हें 1 नही,10 नही, 100 नही,हजारो दरवाजे खटखटाने पड़े, हममे से ज्यादा तर 1 बार,10 बार.100 बार प्रयास करके छोड़ देंगे,और बादमे खुदको यह तस्सल्ली देंगे की मेने तो पूरा प्रयत्न किया लेकिन मुझे Success नही मिली.

अपने आपको फोकट की तस्सली मत दीजिये लेकिन अपनी लगन से,मेहनत से,अपनी काबलियत से अपनी मन चाही चीज Achive कीजिये,बस हमारे उंदर कुछ हासिल करनेका Courage होना चाहिए.

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  1. mukesh beldar