Common sense रटे हुए knowledge से ज्यादा important हे

आजकल अच्छी अच्छी  Company’s मे रटे हुए सवालो का फटाफट जवाब दे दे ऐसे आदमी नही चाहिए,उनको तो ऐसे आदमी चाहिए जिनके पास Common Sense, एक अलग,नई सोच हो,उसमे योग्य Decision लेनेकी क़ाबलियत हो, Candidate काम करते समय Team के सभ्य और Team leader के तोर पर सफल होगा की नही वह सब कुशलता हो, ऐसे Natural व्यक्तिओ मे ही उनको Interest होता हे.

Common Sense

 Common Sense Test

UPSC (Union Public Service Commission) में IAS की test के लिए आये Candidate को वह बुद्धिशाली हे या नही वह check करनेके लिए एक ऐसा Question पूछनेमे आता जिसका जवाब देनेके समय ही candidate की बुद्धि शमता का पता चल जाता था,वह question कुछ ऐसे होता था,आप बैठे हो उसकी पीछे की दीवाल का कलर क्या हे? अगर कैंडिडेट उसका जवाब देनेके लिए पीछे घूम कर देखता तो वह fail हो जाता,लेकिन वह अगर सामने दिख रही दीवाल को देख,ऐसा सोचे की एक room में रही सभी दिवलो का रंग एक ही होता हे और जवाब देदे तो वह पास हो जाता,अगर सब जगह ऐसा होता हो तो कैंडिडेट की अक्ल का नही लेकिन उसके Common Sense की जाँच होती.

रता हुआ ज्ञान,पढ़कर याद रखी जानकारी, सिर्फ कहने वाली अक्ल नही होगी तो चलेगा,लेकिन Common Sense के बिना नही चलेगा

अगर व्यक्ति में कॉमन सेन्स होगी तो किसीभी मुस्किल परिस्थिति का सवाल वह अपने कॉमन सेन्स से खोज लेगा उसके लिए बड़ी बड़ी Degree’s की जरूर नही पड़ेगी.

उसके  लिए एक Example देखते हे,Japan में एक  Soap manufacturer company का माल जब Customer तक पहुंचा तो,वह सिर्फ अच्छी तरह से बनाये हुए रैपर ही थे,उसके अंदर Soap तो था ही नही,company के संचालक तो कांप गए,क्युकी यह साबू बनानेवाली कंपनी का नाम खराब हो गया,दूसरी बार ऐसा न हो  इसके लिए क्या करना,उसके बारेमे चर्चा करनेके लिए company के बड़े बड़े होद्देदारो की meeting हुयी,उन्होंने इसके लिए एक Research कर सही step लिए जाये उसके लिए एक टीम का गठन किया,और उसके लिए एक बड़ा Fund allot किया.

तब एक सामान्य कामदार उनके पास आया और,उसने Director’s को कहा की मेरे पास एक उपाय हे,आप मुझे केवल एक Table fan दीजिये,में ये Table fan जहा product की Finished product pass होती हे उस conveyor belt के पास रखकर उसको full speed में चलाकर रखूंगा,अगर एकाद packet बिना साबू के आया होगा तो वह पंखे के पवनसे उड़ जायेगा,एक सामान्य कामदार के यह कॉमन  सेन्स वाले उपाय और जरा हटके सोचनेकी हुन्नर से डायरेक्टर तो चौक गए,कहनेकी जरूरत नही हे की उस कामदार को बादमे बड़ा promotion दिया गया.

जरा हटके,कुछ अलग तरीकेसे सोचनेकी कौशल आदमी के अंदर रही कुदरती सर्जनात्मकता से आती हे,Edward de Bono  नामके विचारक को ये हटके अथवा कुछ अलग तरीकेसे,अतार्किक लगे ऐसी पध्ध्तीओसे समस्याओ का समाधान लानेवाली विचार पध्धति(English में Lateral Thinking) का पिता माना जाता हे,बोन ने ऐसे, इस तरीकेसे सोचने की रीत को समजाने के लिए काफी Example’s दिए हे,उसका एक नमूना यहाँ देखते हे,एक आदमी Bar में प्रवेश करता हे,वह Bar में दारू बात रहे बार Men को पानी(water) का एक Glass देने को बोलता हे,Bar Men पानी का गिलास देने के बजाय Revolver निकाल कर उसके सामने ताकता हे,पानी लेने हुए आया आदमी उसको “Thank you” बोल कर चला जाता हे,वह प्यासे आदमीने ऐसा क्यों किया?,सामान्य सोचने वाला आदमी इसका चिलचालू जवाब देगा,वह आदमी दर गया इसके लिए ही वहासे बिना पानी पिए चला गया,और बार मेन पागल आदमी था,वगेरह वगेरह.

लेकिन Edward Bono की जरा हटके सोचनेके तरीके के मुताबिक,सोचनार आदमीका जवाब कुछ ऐसा होगा,”वह बोलते बोलते जिस तराह बीच बीच में हिचकी खा रहा था,उससे बार मेन उसको पानी क्यों चाहिए वह समज गया,इसके लिए बार मेन ने उस आदमी को shock देनेके लिए,उसके सामने रिवाल्वर टांकी,एकदम shock लगनेसे उस आदमी को आ रही हिचकी बंध हो गयी और उसके बाद उसे पानी पिनेकी जरूरत नही पड़ी.He used his Common Sense.

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