End of life Suicide is not solution,जीवनमे कभी भी हार मत मानिए

जब हम देखते हे,सुनते हे की किसीने किसी वजह से Suicide किया तो हमे दुःख होता हे,हम Suicide के पीछे का reason जानने के लिए जिज्ञासु होते हे की आखिर उसने ऐसा क्यों किया,उसका ऐसा कदम उठानेके पीछे क्या reason था,ऐसा क्या reason था की उसको उसकी Life ही समाप्त कर देनी पड़ी.

Suicide

Reason बहुत सारे होते हे जैसे कोई Exam में fail हुआ या कम marks आये तो उसने Suicide कर लिया,किसीको  किसीने कुछ  बोल दिया तो उसने ऐसा किया,किसीको बहुत सारा कर्ज हो गया तो ऐसा किया,किसीकी job चली गयी या फिर business ठप्प हो गया ऐसे बहुत सारे रीज़न होते हे लेकिन reason चाहे कुछ भी हो,हमारा ये करना क्या उचित होगा?

यह तो इसका हल नही हे !!!की हम अपना जीवन ही समाप्त कर ले,Suicide कर ले!!!

दोस्तों अगर रात होती हे तो फिर सुबह भी होगी ही उसमे कोई संदेह नही हे,एक कहावत हे न की,”ये काली रात भी बिट जाएगी”,जीवनमे कभी सुख हे तो कभी दुःख हे,”बदलाव ही प्रकृति का नियम हे”,तो चाहे कोई भी दुखद पल होगा वह बीत ही जायेगा  और अच्छा पल हमारे जीवनमे वापस आएगा हमे बस होसला खोना नही हे,धैर्य रखना हे,कोई भी विकट परिस्थिति हमारे जीवनमे आती हे उसका कोई न कोई मकसद होता हे,God ऐसे ही हमे वैसी परिस्थतिा नही देते वह चाहते हे की हम उन परिश्थितिओ का सामना करे और strong बने,और जैसे जैसे हम विकट परिश्थितिओ का सामना करते जायेंगे वैसे वैसे हम strong बनते जायेंगे,तो इनका सामना कीजिये,हार मत मानिये.

Suicide is not the solution of life

सोचिये अगर इस बार आप exam में fail हुए तो क्या हुआ, सबकुछ खत्म तो नही हो गया, अगले साल और ज्यादा मेहनत करेंगे और पास होंगे,अगर कर्जा बढ़ गया तो क्या हुआ, खूब मेहनत करेंगे पैसा कमायेगे या कोई और रास्ता निकालेंगे ये कर्जा भरपाई करनेके लिए, और भरपाई करेंगे,”थान लीजिये में कुछ भी, कुछ भी करूंगा लेकिन हार नही मानूंगा.

जैसे में मेरी बात करू तो में जब छोटा था,Primary School में पढ़ाई करता था तब मुझे Migraine का problem था,मेरा आधा शिर(head) हररोज दर्द करता था,और वह भी आधा दिन कभी कभी पूरा दिन,कभी कभी exam के time भी,इसके कारण मेरी कितनी ही exam खराब हुई हे ,कितनी  बार तो में पूरा दिन शर(head) दबाये बिस्तर पे सोया रहता था,इसको ठीक करने के लिए खूब दवाई की थी लेकिन ठीक नही हो रहा था,यह हररोज का ही था तो में यह नही सोचता था की कल वापिस मेरा शर दर्द करेगा मुझे बिस्तर पे ही सोया रहना पड़ेगा,या फिर मेरी exam खराब होगी, में दता रहता था,यह करीबन 7, 8  साल चला 4th Class से लेकर 12th Class तक और एक दिन यह दर्द अपने आप ठीक हो गया, अब मेरा कभी शर दर्द नही करता हे.

इसके बाद और एक समस्या 12th Class में आया तबसे मुझे Acne(Pimple) की problem हो गयी,मेने इसके लिए बहुत Treatment की लेकिन यह अच्छा नही हो रहा था,सभी Cream,आयुर्वेदिक दवाई,Tablets,Serum,2, 3 बड़े Doctor की treatment लेकिन कोई असर नही हो रहा था,problem बहुत बढ़ गई थी पूरा face खराब हो गया था पुरे मुह पे लाल लाल bump,घर से बहार निकलने में शर्म आती थी,न कहिपे आना जाना, और लोगोसे बात करने में जिजक महसूस करता था की  कहि उसने मेरा मजाक उदा दिया तो, की इसका मुह तो देखो केसा हो गया हे,कोई ऐसा कहके मजाक उड़ाते थे की यह पापो की सजा हे, नही कोई festival मनाना बस पुरे दिन घरमे  ही बैठे  रहना या,सो जाना,उस टाइम पे में भी बहुत परेसान हो गया था, मेरे मन मे भी सुसाइड का ख्याल आया था,यदि आपको Acne (pimple) हुए हो और ठीक ही नही हो रहे हो तो आपको पता होगा की हमारी केसी हालत होती हे,यदि एक दो pimple आपके face पे हो जाते हे तो आपका हाल केसा हो जाता हे तो सोचो की पुरे face पर pimple हो जाने के बाद आपका हाल केसा हो जायेगा,ऐसा मेरे साथ हुआ था, उस टाइम मैंने दवाई के पीछे करीबन 20 से 25 हजार खर्चा किया होगा,में दवाई खोजने के लिए Books पढ़ता,News paper पढ़ता के कहि मुझे इसकी दवाई मिल जाये,हरेक Medical store घूमना, पूछता की pimple की कोई नही क्रीम आई हे और यदि आई होगी तो ले आता,कई बार इससे face पे इसका Negative reaction भी हो जाता था तो वापस उसे ठीक करनेके लिए दवाई करनी पड़ती थी,अगर एक दवाई ने असर नही किया तो दूसरी दवाई,उसने असर नही किया तो तीसरी,चौथी ऐसे करता ही रहता  लेकिन हार नही मानता था,क्योकि में मानता था की एक दिन सुबह तो होगी ही.

Never give up-Never Suicide

एक story मेरे mind फिट थी, यह स्टोरी हे बंदर(Monkey) के बच्चे की, की कैसे बंदर का बच्चा पेड़(tree) पर चढ़नेकी कोशिस करता हे और बार बार वह निचे गिरता हे लेकिन वह अपनी यह कोशिस छोड़ता नही हे,जारी रखता हे और एक दिन वह पेड़ पे चढ़ जाता हे, वह पेड़ पे चढ़ना सिख जाता हे तो में सिख गया था  की मुझे हार नही माननी हे चाहे जो हो जाये,और मेने कोशिस जारी रखी, बादमे मेने इसकी दवाई Internet पे खोजना चालू किया,कितने दिनों तक मेने खोजा,और Acne की दवाई की पूरी Book लिख डाली,Acne होनेके क्या कारण हे,इससे दूर रहनेके लिए कोनसी चीज का ख्याल रखना हे सबकुछ मुझे पता चल गया था, इस खोज की वजह से,यह book आज भी मेने संभालकर रखी हे , और बादमे सभी दवाइओ का Analysis किया की सबसे अच्छी दवाई कोनसी हे,सस्ती कोनसी हे,और India में कोनसी दवाई उपलब्ध होगी तो उसमे बेहतरीन एक दवाई थी जिसका नाम हे Isotretinoin इसका रिव्यु अच्छा था.और इसका 4, 5 महीनेका कोर्स करना था,वह मेने किया और मेरे Acne ठीक हो गए, तो करीबन 7, 8 साल लगे रहने पर दते रहने पर मुझे सफलता मिली,इस दौरान मेने इस प्रॉब्लम की वजह से College भी drop कर दिया था लेकिन एक साल बाद वापस कॉलेज चालू कर Graduation अच्छे Percentage से पास किया,अगर  में यह न करता और हारकर अपना जीवन समाप्त कर लेता, suicide कर लेता, तो क्या यह हो पाता नही,तो विस्वास मत खोइए दते रहिये,मुश्केलिया तो जीवनमे आती रहेगी और जाती रहेगी.

में जब 10th Class था तब मेरे अनुमान के मुताबिक Percentage  नही आये थे, उस समय मेने exam में cheating नही की थी,और जिसने चीटिंग की थी उनके बहुत अच्छे Percentage आये थे,तो मेने उस टाइम मन बनाया था की भले मुझे कितनाभी आता हो,कितनीभी पढ़ाई की हो लेकिन 12th class में, में चीटिंग करूंगा पता नही उस टाइम मेरे मन में क्या सूजा था,इसके चलते मेने अपने ही पैर पे कुल्हाड़ी मार दी थी,फिर 12th class में मेने ऐसा किया जब exam का पहला पेपर था तब मेने Note जो में book से फाड़कर ले गया था वह निकालनेकी कोसिस की उस समय मुझे पेपर के हरेक Questions के आंसर आते थे क्योकि मेने 12th class में रात दिन मेहनत की थी लेकिन में उस नोट के चलते एग्जाम में लिख नही पा रहा था में सोच रहा था की सोचकर लिखना उससे तो अच्छा direct वह नोट मेसे ही न लिखू  और note निकालने के दौरान चेकर के हाथो पकड़ा गया फिर मुझे एग्जाम रूम से निकाल कर एक अलग Room में पूरा shirt खोलकर check किया गया और वह भी मेरे ही स्कूल के teacher के द्वारा,उस समय के बाद न जाने मुझे क्या हो गया की जब भी में exam में paper लिखने जाता मेरा हाथ ही नही चलता था,हाथ पूरा कांपने लगता था,मेरी पूरी एग्जाम खराब हो गई थी, वह एक गलती के चलते मेरे रात दिन मेहनत के बावजूद  मेरे 12 वि में कम percentage आये, सोचो मुझे सब आता था,हरेक Questions का answer लेकिन में लिख नही पाता था इसके बाद जब तक में पढ़ा मेरे साथ हरेक exam में ऐसा हुआ,सोचो आपकी क्या हालत होगी जब आपने खूब पढ़ाई की हो और आपको सब कुछ आता भी हो लेकिन लिख न पाते हो,आप कभी exam पेपर पूरा लिख ही न पाते हो,आप ऐसा सोचोगे की यार पढ़ कर भी क्या फायदा जब में यह एग्जाम में लिख ही नही पाता हु फिर भी मेने हिम्मत नही हारी और ऐसे ऐसे हर exam देता गया और अपना  Post Graduation Complete किया और आज एक अच्छी Company में अच्छी Job कर रहा हु सोचो अगर मैंने उस समय पे  give up कर दिया होता तो,यह सब हो पाता.

यह सब मेरे जीवनमे एक खास मकसद से हुआ हे,जानते हे क्यों ?मुझे strong करनेके लिए,अब में  किसी भी परिश्थिति में हार नही मानता हु और लगा रहता हु,डटा रहता हु,problem से बाहर निकलनेके लिए,और सफलता भी मिलती हे.

“अगर आप किसी चीज को पानेकी सिद्द्त पुरे दिल से करो तो पूरी  कायनात आती हे आपकी मदद के लिए”

Keep trying and trying,Never give up, suicide is not the solution of all problems.
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