How To Farming Of Tulsi And Earn Good Income

हमारे देश में प्राचीन काल से ही farming का बहुत महत्व रहा हे और आज भी देश की 50% से ज्यादा आबादी खेती पर अपना जीवन निर्वाह करती हे, यदि आप खेती करना चाहे तो उसमे काफी विकल्प हे लेकिन यदि आपके पास farming के लिए जमीन कम हे या फिर आप कम समय और कम खर्च में ज्यादा income करना चाहते हे तो medicinal plant की खेती और उसका business काफी लाभदायक हे.

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How To Earn Good Income With Farming Of Tulsi

इसमें बड़े खेत या ज्यादा investment की जरुरत नहीं हे, ज्यादातर medicinal plant की फ़सल(crop) का समय 3 से 6 महीने का होता हे और इसके बाद आप इससे regularly income कर सकते हे, medicinal plant में यदि आप तुलसी की खेती करते हे तो केवल 15 से 20 हजार रुपयों के investment से 3 महीने में 3 से 4 लाख रुपयों की income की जा सकती हे, यदि आपके खुदके खेत नहीं हे लेकिन फिर भी आप औषधीय पौधे की खेती करना चाहते हे तो आप किसी दुसरे की जमीन ठेके(tenancy) पर लेकर कर सकते हे.

तुलसी का महत्व जितना धार्मिक रूपसे हे उतना उसके ओषधीय गुणों के कारन भी हे, तुलसी का उपयोग खांसी, सर्दी और जुकाम, तनाव, skin, सिरदर्द वगैरह के उपचार में होता आ रहा हे.

Tulsi के ओषधिय गुणों के कारन उसकी market में काफी demand हे, आपने तुलसी से बनी काफी चीजे market में देखि होगी जैसे soap, face wash, oil, drops, syrup, etc, बहुत सारी pharmaceutical companies तुलसी के तेल का उपयोग medicines में कर रही हे.

Tulsi की फसल april या may महीने से शुरू की जा सकती हे, एक हेक्टर में खेती के लिए 10 kg बिज की जरुरत पड़ती हे और इसकी फसल ढाई से तीन महीने में तैयार हो जाती हे, इस फसल की एक अच्छी बात यह हे की तुलसी का पौधा काफी कठोर होता हे और इसके कारन इस पर बीमारी का असर न के बराबर होता हे, इसकी कटाई आप पौधे की कलम और बिज से कर सकते हे.

तुलसी की अलग अलग जाती होती हे जिसमे RRLOP-14 जात की तुलसी को उत्तर भारत के लिए अच्छी माना जाता हे,Central Institute of Medicinal and Aromatic Plants, Lucknow ने तुलसी की नयी जात की खोज की हे जिसका नाम हे ‘सैम्य’, इसपर बीमारी की असर काफी कम होती हे और फसल भी काफी अच्छी मिलती हे.

Tulsi की फसल से दो प्रकार की product प्राप्त होती हे, एक बीज और दुसरे उसके पत्ते, बीज को आप सीधे market में बेच सकते हे, जबकि पत्ते मेसे तेल निकालकर income की जा सकती हे.

Tulsi की फसल की बात करे तो एक हेक्टर से करीबन 120 से 150 kg तक बीज मिल जाते हे, जबकि अच्छी फसल से 170 से 200 kg पत्ते मेसे तेल प्राप्त किया जा सकता हे, Madhya Pradesh(M.P) की नीमच मंदी में बीज की कीमत 200 रूपये प्रति किलो हे और बात करे तुलसी के तेल की तो उसकी हाल की बजार कीमत 700 से 800 रूपये प्रति किलोग्राम हे, यदि इसे कम से कम production और कीमत के आधार पर बनाया जाए तो इससे करीबन 2 से 2.50 लाख़ रूपये तक की income होती हे.

हमारे देश में ayurvedic products की लोकप्रियता बहुत ज्यादा हे और यह हमे Patanjali, Himalaya, Dabur जैसी companies के variety of products और market से ही पता चल जाता हे, China के बाद India दूसरा ऐसा देश हे जहा ओषधि पर सबसे ज्यादा research किया जाता हे, इसका कारन यह दोनों देशो की चिकित्सा पद्धति और संस्कृति में साम्यता हे और इसके कारन ही यह दोनों देशो में ओषधि की demand बहुत ज्यादा रहती हे.

यदि अच्छी income करवाने वाले दुसरे medicinal plant की बात करे तो वह हे एलोवेरा(Aloe vera), हल्दी(turmeric), अश्वगंधा(Ashwagandha), मुलेठी(Mulethi), मुसली(Muesli) etc हे.

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