ICICI Bank MD Mrs.Chanda Kochhar success story

Inspirational and Success Story of Mrs.Chanda Kochhar MD and CEO of ICICI Bank -हम जो चाहते हे वह बन सकते हे,हमारे सामने ऐसे हजारो examples हे जिन्होंने यह साबित भी कर दिखाया हे.
जहा चाह हे वहा राह हे
अपनी ताकत से कुछ बनकर दिखाना कोई मुस्किल कार्य नही हे, सर्त बस इतनी हे की हमे मेहनत करने मे पीछे नही हटना हे और हमे हमारी life मे आनेवाले संघर्स और मुसीबतों से हार नही माननी हे.
Chanda Kochhar
इसका एक जीता जागता example हे Mrs.Chanda Kochhar(MD and CEO of ICICI Bank),आज उनका नाम world’s most powerful women में सामिल हे,उनकी body language से ही हमे पता चल जाता हे की वह अपने business में कितनी ओतप्रोत हो गयी हे.

ICICI Bank MD Mrs.Chanda Kochhar Success Story

Mrs.Chanda Kochhar ने अपने career की सुरूआत ICICI Bank में as a management trainee के तोर पर की थी,उसके बाद उनके 25 साल के career में उनको अपने career में आगे बढने के लिए बहुत बड़ी बड़ी challenges का सामना करना पड़ा.
ICICI Bank के साथ अपने लम्बे सफ़र के बारे मे वह कहती हे की “मुझे नई नई schemes तैयार करने की उसको चलाने की और उसे आगे बढ़ाने का एक मौका मिला,इसमें मुझे नई नई चीजे सिखने का experience मिला,अलग अलग चीजे  सिखने को मिली और इस वजह से मुझे अपने काम के प्रति कभी भी boring feel नही हुआ.
उन्होंने हमेशा सबसे ज्यादा importance नये काम करने को दिया हे,वह कहती हे, “जब में business की गहराई समज शकती थी,तब business में नए नए कार्यो को accept करना मेरे लिए एक opportunity बन जाती थी,व्यवस्था और परिस्थिति के अनुकूल हो जाना किसी भी जंगमे एक श्रेष्ठ हथियार साबित होता हे,फिर चाहे वह जंग अपनी personal life में हो या business में.
उन्होंने केवल 13 साल की उम्र में ही अपने पिताजी को खो दिया था,उनके पिताजी Jaipur की engineering college में principal थे,उनके अकाल मृत्यु से family पर मुसीबतो के बादल छा गए थे,लेकिन अनेक problems के बावजूद उनकी mother ने हिम्मत और दृढ़ता से पूरी family की जवाबदारी उठा ली और अपने बच्चों को बड़ा किया.
उनकी family Jaipur से Bombay आकर स्थायी हुई,माता ने काम कर कर अपने बच्चों का education पूरा करवाया,और समय बीतते उनकी शादी करवा कर अपनी जिम्मेदारियो से मुक्त हुई, वह कितने सालो तक अकेले ही जिम्मेदारियो के बोज तले दबी रही,लेकिन इसका एहसास कभी भी अपने बच्चों को नही होने दिया.
विपरीत परिस्थितियों में भी पुरे tention को वह अकेले ही जेलती रही,माँ ने कभी भी इसे बच्चों की नजर में आने नही दिया,इसीलिए Mrs.Chanda Kochhar अपनी माताजी को अपना role model मानती हे,उन्होंने हमे सिखाया हे की “एक leader कैसे मुसीबतो का सारा बोज अपने कन्धों पर लेकर चलता हे,और अपनी team की ताकत कभी कम होने नही देता,ऐसा कर कर वह अपने team के members को tension मुक्त कर देता हे,जिससे team के हरेक members असरकारक तरीके से कार्य करते हे और अपनी योग्यता से कई गुना ज्यादा best perform करते हे”.
ICICI Bank में top position पर पहुचने की सफर के दौरान उनके रास्ते में ऐसे कितने ही मौके आये जब मुसीबते उनके सामने अपना मुह खोलकर बैठी थी लेकिन हर मुसीबत को जल्दी से सुल्जाकर वह आगे बढ़ती गई.
वह कहती हे की ICICI Bank में महिलाओ का एक समूह था,जो पुरुषो के समूह के साथ एक समान तोर पर स्पर्धा करता था,उनको कोई खास अधिकार नही दिए हुए थे और उसको देने के बारेमे भी कुछ बोला नही गया था फिर भी यह खेल लम्बे समय तक चलता रहा,इस खेल का नाम था ‘मेरीटोफेसि’ जिसका अर्थ होता था की काम के ज्यादा घण्टे.
लम्बी यात्रा और family के कितने important moment को खोना,वह अपने बच्चों के कितने important moment पर हाजिर नही रह सकती थी और इस वजह से उनको यह feel होता रहता की एक माँ होने के बावजूद वह इस relation को सही तरीके से निभा नही पायी,लेकिन उनका यह भी मानना हे की उन्ही absence ने उनके बच्चों को इतने responsible बना दिए हे की वह किसी का support लिए बिना अपना जीवन निर्वाह खुद चला शके,वह अपने व्यवसायिक क्षेत्र में भी यही थियरी अपनाती हे,उनका मानना हे की इससे व्यवसायिक क्षेत्र में भी प्रतिभा बाहर निकल कर आती हे,वह कहती हे की,”हम जितना हो शके उतना जल्दी अपने employee को responsibilities देकर powerful बना देते हे”.
Mrs.Chanda Kochhar पदम् भूसण award से भी सन्मानित हे.

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