Selected Inspirational Life Quotes Of Lord Swaminarayan

भगवान स्वामीनारायण के inspirational life quotes जो Shikshapatri के मुख्य भाग अहिंसा, धर्म, सामाजिक व्यावसायिक नीति, नैतिक सदाचार हे और सभी के लिए बहुत ही फायदेमंद हे.

यह Bhagwan Swaminarayan की सामाजिक और व्यवसायिक सफलता की नीतिआ भी हे.

शिक्षापत्री को स्वामीनारायण संप्रदाय की गीता भी कह सकते हे यह शिक्षापत्री का लेखन स्वामी श्री सहजानंद जी ने सन 1882 में  किया होने का उल्लेख मिल आता हे इसमें  212 श्लोकों में विविध विचार पर प्रकाश डाला गया हे, एक तरीके से शिक्षापत्री की रचना जीवन व्यवहार के लिए की गई हे, सहजानंद जी ने मंगलाचरण में ही आलेख किया हे की यह शिक्षापत्री की रचना उसके आश्रितों और सर्व मानव जीवन के उत्कर्ष के लिए की गई हे.

Inspirational Life Quotes

Inspirational Life Quotes Of Bhagwan Swaminarayan

1.आपको योग्य लगे वह व्यवसाय,business अपने सामर्थ्य के अनुसार करना चाहिए

2.जिस मनुष्य में जो गुण हो उसको ऐसा कार्य ही सोच समझकर देना चाहिए, लेकिन जो कार्य में योग्य न हो उसे ऐसा कार्य कभी नहीं देना चाहिए

3.श्रमिक को धन धान्य देने को कहा हो उस हिसाब से ही देना चाहिए, लेकिन उससे कम नहीं देना चाहिए

4.दुष्ट लोगों के साथ व्यवहार नहीं करना चाहिए

5.अपने सेवक,नौकर की सामर्थ्य अनुसार अन्न और वस्त्रो से योग्य संभावना अवश्य रखनी चाहिए

6.अपने वंश और कन्यादान को छुपा नहीं रखना चाहिए

Inspirational Life Quotes Of Lord Swaminarayan

7.जिसका जिस तरह सम्मान करना बनता हो उसका उस हिसाब सम्मान करे लेकिन समदृष्टि उस मर्यादा का उल्लंघन नहीं करना चाहिए

8.हरेक व्यक्ति को अच्छा लगे उस वचन से देशवासी की तरह यथायोग्य बुलाना चाहिए,लेकिन उससे दूसरे तरीके से नहीं बुलाना चाहिए

9.गुरु, राजा, बुजुर्ग, त्यागी, विद्वान और तपस्वी आये तब उनके सामने उठकर और उनका सम्मान करना चाहिए

10.अपने गुरु से कभी भी विवाद नहीं करना चाहिए, अपने सामर्थ्य अनुसार अन्न वस्त्रदान से उनकी पूजा करनी चाहिए

11.गुरु का अपमान न करे, देवकर्म और पितृकर्म सामर्थ्य अनुसार करना चाहिए

12.गुरु,देव और राजा के नजदीक और सभा में पैर पर पैर चढ़ाकर नहीं बैठना चाहिए और वस्त्र से घुटने को बांधकर नहीं बैठना चाहिए(शिस्त वर्तन रखना चाहिए)

Inspirational Life Quotes Of Lord Swaminarayan

13.श्रेष्ठ मनुष्य, प्रतिस्थिति,विद्वान और शस्त्रधारी का अपमान नहीं करना चाहिए

14.राजा और उनके आदमियों के साथ विवाद नहीं करना चाहिए

15.माता-पिता,गुरु और रोगातुर मनुष्य की सेवा जीवनपर्यत और अपने सामर्थ्य के अनुसार करनी चाहिए

16.अतिथि की अपनी शक्ति अनुसार अन्नादिक से सेवा करनी चाहिए

17.बिना सोचे तुरन्त कोई कार्य नहीं करना चाहिए लेकिन कार्य धर्म संबंधी होगा तो तुरंत करना चाहिए

18.हमने जो विद्या पढ़ी हो वह हमे दूसरे को पढानी चाहिए

“Please Share This Inspirational Life Quotes Of Bhagwan Swaminarayan with your friends and family”.

 

 

 

(Visited 53 times, 1 visits today)