How to Improve Interpersonal Relationship

Interpersonal Relationship को कैसे बेहतर करे? Relationship बहुत ही मजेदार स्नेहपूर्ण बंधन हे, लेकिन ज्यादातर आंतरिक टकराव के कारण यह मजेदार रहता नहीं हे वह अलग बात हे.

कैसे बने लड़की के Hero?

Interpersonal relationship में सामने वाले व्यक्ति से अपेक्षाए कम रखनी चाहिए, क्युकी जितनी अपेक्षाए हम कम रखेंगे उतना दुसरो की feeling का स्वीकार करने की और उसकी कद्र करने की हमारी क्षमता बढ़ेगी और प्रतिक्रिया कम रहेगी, interpersonal relationship में हम जो भी कर रहे हे वह केवल हमारी ख़ुशी के लिए कर रहे हे वह उदेश्य से करना चाहिए.

Interpersonal Relationship

पारस्परिक संबंध(interpersonal relationship) को बेहतर कैसे करे?

Interpersonal relationship में हम एक गलती लगातार दोहराते रहते हे, हम हमेशा सामने वाले की feeling को समज नहीं पाते और उसकी Value नहीं कर पाते, क्युकी हमे पहले से आदत हे हरेक व्यवहार और बर्ताव में प्रतिभाव के बदले प्रतिक्रिया देने की, Every time “We react but don’t respond”.

यह एक Survey आपके Unhappy Relationship को Happy Relationship में तब्दील कर सकता हे 

कई बार कुछ लोग normaly कही गई बात को personaly ले लेते हे और वह जाने अनजाने आक्रमक प्रतिभाव देने लगते हे या स्वबचाव करने लगते हे, husband-wife के ज्यादातर लड़ाई-झगड़ो के पीछे मुलभुत यही कारण जिम्मेदार होते हे, husband या wife को कोई भी बात personaly लेने की आदत होती हे, जैसे wife को हरेक बात अंगत तोर पर लेने की आदत हे, husband कोई सामान्य बात करे, wife तुरंत ही अंगत तोर पर प्रतिक्रिया दे और देखते ही देखते “राय का पहाड़ बन जाए”.

Husband job से थक कर घर आया हो, वह wife के पास बैठे और कहे, हे भगवान् आज तो बहुत थक गया हु, आज पुरे दिन बहुत भागदौड करनी पड़ी, यह सुनकर तुरंत wife जवाब दे, में भी घर पर पैर पर पैर चढ़ाकर बैठी नहीं रहती.

हरेक Married Couple को यह Story जरुर जरुर पढनी चाहिए 

Husband बोलेगा, में ऐसा थोड़ी कह रहा हु की में पूरा दिन काम करता हु और तुम घर पर आराम करती हो, में तो केवल अपनी थकान की बात कर रहा हु, wife यह नहीं समजेगी की उसने एक सामान्य सी बात को personaly ले ली हे और स्वबचाव करते हुए कहेगी की, यह तो मैंने आपको जानकारी दे दी की मुझे भी घरमे उतना ही काम होता हे, बादमे दोनों के बिचमे तू तू में में शुरू हो जायेगी, दोनों और से जवाबी आक्रमण होगा, पूरानी बाते भी जुडती जायेगी और ‘आग की एक छोटी सी चिंगारी रोद्र रूप धारण कर लेगी’.

यह Tips पढने के बाद आपको आपके Partner के साथ Patch Up में काफी आसानी रहेगी 

अभी थोड़े दिनों पहले ही हमारे पड़ोस में एक couple के बिचमे तू तू में में हो गई, husband ने कहा मुझे इस प्रकार के झगडे बिलकुल पसंद नहीं हे, यह सुनकर तुरंत wife ने जवाब दिया, तो क्या मुझे इस प्रकार के झगडे पसंद हे?

मैं उनकी बात सुनकर तुरंत बोला, यदि दोनों को झगडे पसंद नहीं हे तो फिर लड़ क्यों रहे हो? वह दोनों की बोलती बंध हो गई, फिर दोनों एक दुसरे को justify करने लगे.

Relationship में आनेवाली समस्याओं को कैसे सुलजाये

“मानशिक शक्ति का सबसे बड़ा स्रोत हे- दुसरो के साथ सकारात्मक तरीके से विचारो का आदान प्रदान करना, जो काम प्यार से हो सकता हे वह तकरार से नहीं हो सकता”

हमे एक बात जरुर शिखनी चाहिए वह यह हे की जब कोई हमारे समक्ष अपनी feelings व्यक्त करे तब उसका प्रतिभाव देने से पहले, उसका प्रतिकार या स्व्बचाव करने से पहले उसकी feelings का स्वीकार करे और प्रतिभाव भी ऐसे दे की जिसमे उस व्यक्ति ने जो अपनी feelings व्यक्ति की हे उसकी स्वीकृति या कदर होती हो, जैसे की husband जब ऐसा कहा ‘आज बहुत थक गया’ तब wife को कहना चाहिए था की, हां, आपको आज के पुरे दिन बहुत दौड़धाम रही होगी, थक गये होंगे.

“दुसरो के साथ ऐसा ही व्यवहार करे जो आप नहीं चाहते की वह आपके साथ करे-Baibal”

फिर wife को अपनी बात पेश करनी थी, मुझे भी पुरे दिन एक मिनट का आराम नहीं मिलता, चलो अब 10 मिनट साथ में बैठते हे और गरमा गरम चाय पीते हे, बात वही हे लेकिन इसे अबकी बार कुछ अलग तरीके से पेश किया गया हे, पहले इसमें आक्रमकता, प्रतिकार, स्व्बचाव की प्रतिक्रिया थी, जब की अब इसमें स्वीकृति, feelings की कद्र और साथ में मिलकर थकावट को कैसे भगाया जाए उसका प्रतिभाव हे.

Relationship Advice जो Wife को बहुत काम आ सकती हे 

13 ऐसी Tips जिससे आपका आपके Partner के साथ Relationship और भी ज्यादा मजबूत होगा 

दूसरी घटना जिसमे मुझे हस्तक्षेप करना पडा उसमे भी ऐसी ही समजदारी की आवश्यकता थी, husband की बात का wife को सिर्फ इतना ही प्रतिभाव देना था की में समजती हु, या मुझे पता हे की आपको झगडे पसंद नहीं हे, यदि हम दोनों को झगडे पसंद नहीं हे तो हम झगड़ क्यों रहे हे? हम दोनों को एक दुसरे को दोष देने के बजाय इस बात की चर्चा क्यों न करनी चाहिए.

Relationship में हम सामने वाले की feelings का स्वीकार करने में, उसकी कद्र करने में हमेशा गलती करते हे, क्युकी हमको आदत हे किसी के व्यवहार या बर्ताव के बदले में प्रतिभाव के बदले प्रतिक्रिया देने की.

सामने वाले व्यक्ति की feelings को समजने की या उसका स्वीकार करने की मेहनत किये बिना दी गई हमारी प्रतिक्रिया के सामने स्वाभाविक रूप से सामने वाली व्यक्ति भी react करेगी या defensive होगी और आखिर में बिनजरुरी संघर्ष का निर्माण होगा.

Suggestions जो आपके Relationship को बहुत ही बेहतर बना सकते हे 

Relationship एक emotional connection हे, यह खूब मजेदार हे लेकिन काफी किस्सों में यह उतना मजेदार रहता नहीं हे, कोई भी relationship हमको दुसरे व्यक्ति के लिए काफी कुछ करने का मौका देता हे और हम काफी कुछ करते भी हे, लेकिन important यह हे की relationship में जो हम काफी कुछ करते हे उसके पीछे का हमारा उद्देश्य क्या हे? हम क्या चाहते हे?

हम दुसरे के चेहरे पर ख़ुशी देखना चाहते हे या फिर अपनी ख़ुशी के लिए सबकुछ करते हे, जब बात होती हे सामने वाले की ख़ुशी की तो हमे भी सामने वाले से काफी कुछ अपेक्षाए होती हे लेकिन जब उद्देश्य होता हे अपनी ख़ुशी का तब वहा कोई अपेक्षा नहीं होती केवल internal happiness होती हे.

यदि हम चाहते हे की हमारा दुसरो के साथ relatinship मजेदार रहे तो उसका गुरुमंत्र एक ही हे, interpersonal relationship में हम जो कुछ भी करे वह सिर्फ हम अपनी ख़ुशी के लिए ही कर रहे हे ऐसे उदेश्य से करे, इससे हमारे अन्दर दुसरो की feelings का स्वीकार करने की और उसकी कद्र करने की क्षमता बढ़ेगी और प्रतिक्रिया कम रहेगी, आपका दुसरो के साथ सम्बन्ध मजेदार रहेगा, यदि आप इस बात को समजकर इसे अपने जीवन में अपना लेंगे तो relationship में सुख की जो आपको अपेक्षा हे वह आपको बिना मांगे मिल जायेगी.

(Visited 75 times, 1 visits today)