Amazing Marriage Couple Advice By Great Story

हमारे देश में ज्यादातर families और marriage couple में शादी के बाद जब जीवन निर्वाह के लिए husband job करते हे या कोई छोटा मोटा काम करते हे और wife घर संभालती हे, जैसे घर का सारा काम करना, बच्चो को संभालना, बुजुर्गो का ध्यान रखना वगैरह.

कई बार जब husband का कोई काम नहीं होता, wife भूल जाती हे, तब husband उसे गुस्से से कहता हे, पूरा दिन क्या कर रही थी? एक काम भी तुमसे नहीं होता.

Marriage Couple

या फिर कभी कबार husband ऐसे ही अपनी wife को प्रश्न पूछता है कि, आज पूरा दिन क्या कर रही थी? या पूरा दिन क्या किया? तब wife को जो थोड़ा बहुत याद होता हे वह कहती हे, या कभी कभी उसके पास इसका कोई उत्तर ही नहीं होता.

शायद आप एक husband हे तो आपने ऐसा प्रश्न अपनी wife को कभी न कभी जरूर पूछा होगा,या आप एक wife हे तो आपने ऐसा प्रश्न अपने husband से जरूर सुना होगा और शायद अपने तरीके से उसका उत्तर भी दिया होगा.

ऐसी ही husband-wife की यह छोटीसी great story है जो काफी प्रेरणात्मक भी हे.

Wonderful Short Story of Husband & Wife-Marriage Couple Advice-Dedicate to Wife

Wife: हररोज तुम job से घर आकर मुझे पूछते, आज तुमने क्या क्या किया? मैं उलझन में पड़ जाती, में कितनी देर तक सोचती रहती की आज मैंने क्या क्या किया? लेकिन मुझे उसका जवाब न मिलता.

और अंत में परेशान होकर में बोल देती,‘कुछ नहीं’,मेरा यह जवाब सुन तुम मन ही मन में हँस पड़ते.

समय कैसे बीत गया पता नहीं चला.

उस दिन तुमने मेरे द्वारा कहा गया वह फीका शब्द ‘कुछ नहीं’ सुनकर मेरे हाथ अपने हाथो में लेकर कहा था,सुन पगली,यह “कुछ नहीं करना, कहना भी सब के बस की बात नहीं हे”.

तुम सुबह सूर्य के किरण के साथ उठकर या उससे भी पहले उठकर,मेरी चाय में ताजगी और बच्चो के दूध में तंदुरुस्ती लाना,बच्चों के टिफिन में प्रसन्नता भरना,उसको तैयार कर school भेजना,फिर मेरा break fast तैयार करना.

मुझे office के लिए विदाई करना,बच्चों के वापस school से घर आने तक,कपड़े,घर की साफ सफाई,खाना,बर्तन और बाद में उनका homework,मेरे माता पिता के चाय-पानी,खाना,दवाई का ध्यान.

शाम को और रात को हररोज का routine काम,

और इन सब के बीच बाहर के छोटे-मोटे कामों के लिए थोड़ा समय चुरा लेना!

मुझे बताओ तुम इतना ‘कुछ नहीं’ कैसे कर लेती हो?

में मग्न(immersed) होकर तुमको सुन रही थी और तुम बोले ही जा रहे थे.

तुम्हारा ‘कुछ नहीं’ ही यह घर की आत्मा है,हम ऋणी(indebted to) हे यह तुम्हारे ‘कुछ नहीं’ के क्योंकि तुम ‘कुछ नहीं’ करती तभी हम बहुत कुछ कर सकते हे.

तुम्हारा कुछ नहीं हमारे लिए राहत हे, हमारा आधार(base) है, हमारी महत्वकांशा(ambitious) हे, तुम्हारे यह ‘कुछ नहीं’ से ही हमारा यह मकान घर बनता हे, तुम्हारे कुछ नहीं से ही घर के सभी लोग सुख और वैभव(splendor) से जीते हे.

अपने पति द्वारा कही गई बाते सुनकर पत्नी ने खुशी से और मुस्कुराते हुए कहा “तुमने मेरे समर्पण को, मेरे काम को मान दिया,मेरे ‘कुछ नहीं’ को सन्मान दिया,अब मुझे ‘कुछ नहीं’ करने में कोई संकोच नहीं है.

Respect Wife

Care Wife

If you like this Marriage Couple Advice then share it with your friends and family.

 

 

(Visited 158 times, 1 visits today)