Rahim के life important couplet,जो जीवन में आपको बहुत काममे आएंगे

Rahim Couplet-मुग़ल बादशाह Jalaluddin Muhammad Akbar को कौन नहीं जानता,उनका नाम भारतीय इतिहास में महत्व पूर्ण स्थान रखता  हे,Akbar के शासन से पहले Hindu ओको उनके तीर्थस्थान पर जानेके लिए तीर्थ कर चुकाना पड़ता था,जिसके कारण hindu लोगोके दिलोमे Mughal बादशाहो के प्रति नफरत थी,Beiram khan ने ही मुग़ल शासन को अच्छी तरह से चलाया था,जब जलाल बड़ा हुआ तब जलाल और बैरम खान के बिच में मतभेद होने लगा.

Rahim Mughal

मतभेद के कारण Beiram khan विरोधी हो गए लेकिन बादशाह  ने चतुराई से इस विरोध को दबा दिया,बादमे जब बैरम खान की मृत्यु हुई तब बादशाह ने उसकी पत्नी और उनके बेटे Rahim को शरण दी,Rahim बादशाह के  एकदम नजदीक रहा था और समय जाते रहीम ने ऐसे दोहे लिखे जिसने लोगोके जीवन के प्रति attitude बदल दिया बैरम खान वह हे जिसके दोहे आज भी school में पढ़ाने में आते हे.

1)रहिमन धागा प्रेम का,मत तोरो चटकाया|
टूटे तो फिर ना जुड़े,जुड़े गाँठ परी जाया||

रहीम का यह दोहा बहुत ही प्रसिद्ध हे आज भी यह दोहा जीवन में
पालन करनेसे relation में दरार नहीं पड़ती हे,ये दोहा का अर्थ यह हे की  प्रेम संबंध बहुत  ही नाजुक होते हे,ईसलिए यह संबंध में सावचेती रखनी चाहिए,क्युकी यह संबंध एक बार टूट जायेगा  तो फिर जुड़ेगा नहीं और यदि जुड़ भी जायेगा तो उसमे गाँठ तो रह ही जाएगी.

2)रहिमन देखि बङेन को,लघु न दीजिये डारी|
जहां काम आवे सुई,कहा करें तरवारी||

Rahim ने इस दोहे में कहा हे की,हमे कभीभी बड़ी चीजे पानेके लिए छोटी चीजोंको खोना नहीं चाहिए क्युकी जो काम एक सुई कर शकती हे वह तलवार नहीं कर शकती,जिससे हरेक चीज का एक अलग महत्व होता हे.

3)बिगरी बात बने नहीं,लाख करो किन कोय|
रहिमन फाटे दूध को,मथे न माखन होय||

इस दोहे का अर्थ हे,हमको अच्छी तरह सोच समझकर व्यवहार करना चाहिए,जिस तरह फ़टे हुए दूध मेसे माखन नहीं निकाल शकते,उस तरह बात बिगड़ गई हो,तो इसको सही नहीं कर शकते हे.

4)जो रहीम उत्तम प्रकृति,का करी शकत कुसंग|
चंदन विस व्यापे नहीं,लिपटे रहत भुजंग||

Rahim ने इस दोहे में कहा हे की,जो लोग स्वभाव से सदाचारी और धार्मिक होते हे उनको खराब लोगोकी संगत खराब नहीं कर शकती हे,उसका एक उदाहरण यह हे की चंदन के पेड़ पर हमेशा सांप लिपटा हुआ होता हे लेकिन चंदन के पेड़ पर उसका विष असर करता नहीं हे.

5)रूठे सूजन मनाइए,जो रूठे सी बार।
रहिमन फिरि फिरि पोिए,टूटे मुक्ता हार||

इस  का मतलब यह हे की अपने आसपास अच्छे लोग हो उनके साथ हमको अच्छे संबंध टिकाये रखना चाहिए वह भलेही 100 बार कयु न रूठ जाए लेकिन हमको उनको मना लेना चाहिए,सज्जन लोग मोती की माला की तरह होते हे,जिस तरह मोती की माला टूटे तो उसको वापस धागेमे जोड़ लेनेमें आता हे,उस तरह सज्जन लोगो को मना लेना चहिये.

6)जो बड़ेन को लघु कहे,नहीं Rahim घटी जाहि|
गिरधर मुरलीधर कहे,कछु दुःख मानत नाही||

इस दोहमे Rahim ने कहा हे,जिस तरह गिरधर मतलब की Shri Krishna को Murlidhar कहनेसे उनकी महिमा कम नही होती हे,उसी तरह किसी बड़े व्यक्ति को छोटा कहनेसे उसका बड़पन कम नही होता हे.

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