How To Solve All Relationship Questions?

How to solve relationship questions? शायद आप भी यह प्रश्न का उत्तर जानना चाहते हे इसलिए यहाँ पर हे, husband-wife relationship में, सहवास में, अविश्वास, वफादारी, उपेक्षा, अप्रसन्नता, विचलित के प्रश्न हमेशा तंग करते रहते हे.

relationship questions

उन लोगो का जीवन काफी संघर्षपूर्ण होता हे जिनको यह सामान्य ज्ञान नहीं होता की, किसी भी चीज में स्त्री और पुरुष की सोच और व्यवहार अलग अलग होते हे, ऐसे व्यक्ति अपने partner के दृष्टिकोण को समजने में और एक दुसरे के निर्णय और अभिप्रायो को सन्मान देने मे हमेशा असफल होते हे.

Relationship Questions को कैसे सुल्जाये?

Relationship questions को solve करने के लिए में आपको एक मजेदार story कहने जा रहा हु…

एक बाप अपने बेटे को कंधे पर बिठाकर गाव से शहर की और जा रहा था, दो-चार गाव पार करने के बाद वह काफी थक गये और आराम करने के लिए एक पेड़ के निचे बेठे.

बाप-बेटे जहा बेठे थे वहासे थोड़ी दूर एक पीपल का पेड़ था, उसकी छाव में एक बकरी घूम रही थी, उससे थोड़ी दूर एक बन्दर बैठा हुआ था और उन दोनों के आगे पीछे एक गिलहरी भाग-दौड़ कर रही थी, गिलहरी अचानक से पेड़ पर चढ़कर उनके पन्नो में खो गई, छोटा बालक यह सब देख रहा था, वह बोला अब बकरी भी पेड़ पर चढ़कर उसके पन्नो में छुप जायेगी.

उसके पिता ने यह बात सुनी और वह अपने बच्चे को समजाने के लिए बोला, नहीं बेटा,बकरी चाहेगी फिर भी वह पेड़ पर नहीं छुप सकेगी, वह तो बालक था, जाहिर सी बात हे उसे इतनी जल्दी बात समज में नहीं आएगी और उसका चंचल मन बिना सवाल किये तो रहेगा नहीं, उसने अपने पिता को प्रश्न किया, क्यों? बकरी को पेड़ पर नहीं चढ़ना?

पिता ने अपने बेटे के शिर पर हाथ रखते हुए बहुत ही प्रेम से कहा, उसे चढ़ना तो हे लेकिन कैसे चड़ना हे वह उसे नहीं आता.

छोटा बालक! उसने वापिस अपना सामान्य अनुमान लगाया और बन्दर की और इशारा करते हुए पूछा, यह बन्दर भी नहीं छुप सकेगा? उसे भी पेड़ पर चढ़ना नहीं आता, नहीं बेटा उसे तो पेड़ पर चढना आता हे, लेकिन उसे अभी पेड़ पर नहीं चढना हे इसलिए वह निचे बैठा हुआ हे, यह बात बताते बताते पिता ने अपने बच्चे को कंधे पर ले लिया और वह शहर की और निकल पड़ा.

वह तो छोटा बालक था, उसने भले ही वह बात को उतनी seriously न ली हो, लेकिन हमे इस बात पर थोडा गहराई से चिंतन करना चाहिए.

पेड़ पर चढ़ने की केवल इच्छा से कुछ नहीं होगा, पेड़ पर चढने का कौशल भी होना चाहिए और ना हो तो सीखना चाहिए लेकिन यदि कौशल भी होगा लेकिन इच्छा नहीं होगी तो उसे जगाना काफी मुस्किल हो सकता हे.

पृथ्वी का हरेक युगल(couple) एक दुसरे से प्रेम, सुख-शांति और समृद्धि की अपेक्षा रखता हे और relationship का यह एक मुख्य उद्देश्य भी हे लेकिन यदि वास्तविक परिश्थिति को देखा जाए तो ज्यादातर couples के सम्बन्ध loving और सूखी होने के बजाय कडवास, कटुता, नफ़रत, उपेक्षा, अविश्वास और वफादारी के प्रश्नों से घिरे हुए होंगे.

यह हरेक युगल को एक प्रश्न सहजता से सताना चाहिए की वह प्रेम, सुख, शांति, समृद्धि की अपेक्षा तो रखते हे लेकिन उसमे कडवास, कटुता, उपेक्षा, अविश्वास और वफादारी के प्रश्न क्यों घेर लेते हे और उससे आगे निकलकर, यह सब solve कर सहजीवन का मूल उद्देश्य प्राप्त करने में क्या क्या तकलीफ आती हे?

दो तकलीफ आ सकती हे, एक- कौशल और दूसरी- इच्छा, ज्यादातर couples के पास सहजीवन को सुखमय कैसे बनाना हे यह कौशल नहीं हे, relationship में love, care, एहसास कैसे घनिष्ठ बने उसका ज्ञान उनके पास नहीं हे, यह कौशल आये भी कैसे क्युकी schools और colleges में तो यह सिखाया नहीं जाता, हां अपने अनुभव से सिख सकते हे लेकिन तब तक तो सहजीवन समाप्त हो चूका होता हे.

Couples में जो सबसे बड़ी कमी होती हे वह हे communication skills की, सभी relationship questions का उद्भव स्थान ही यह हे, सहजीवन में किसी भी प्रश्न के solution के लिए जो मुलभुत जरूरियात हे, वह हे एक दुसरे से बातचित करना, जो व्यक्तिओ में संवाद का कौशल नहीं होता वह एक दुसरे के साथ व्यवहार में हमेशा अपने बचाव में ही व्यस्त रहते हे, वह किसी भी चीज में defensive हो जाते हे, उनको दुसरे की बात सुनने में या उनकी feeling को समजने के बजाय अपने वर्तन और व्यवहार को बचाने में ही interest होता हे, उनके ऐसे defensive अभिगम की वजह से ही वह प्रश्न के solution के विषय में सोचने के बजाय दलील बाजी पर उतर आते हे और अपने दृष्टिकोण को justify करने के लिए अपनी ताकत खर्च कर देते हे.

वह एक दुसरे को समजने के बजाय एक दुसरे को ताने मारने, आक्षेपबाजी, दलीलबाजी में व्यस्त रहते हे और एक दुसरे के लिए judgment pass करते रहते हे, अब एक बात बताइए एक छत के निचे रहने बाले व्यक्ति जब एक दुसरे के साथ तंदुरस्त संवाद न कर सकते हो वहा सूखी सहजीवन की अपेक्षा कैसे रख सकते हे, यदि सूखी सहजीवन की इच्छा हो तब भी यदि अपनी यह मर्यादा को दूर नहीं कर सकेंगे तो किसी बात का कोई अर्थ नहीं हे.

क्या आप दुसरे लोगो के साथ adjust नहीं हो पा रहे हे? Relationship के लिए यह जरुरी हे 

किसी भी चीज में एक पुरुष और स्त्री की सोच और व्यवहार अलग अलग होते हे यह सामान्य ज्ञान जो व्यक्तिओ में नहीं होगा उनका सहजीवन और एकदूसरे के साथ के व्यवहार संघर्षपूर्ण ही रहेंगे, ऐसे व्यक्ति एक दुसरे के दृष्टिकोण को समजने में, एक दुसरे के निर्णय और अभिप्रायो को मानसन्मान देने में हमेशा असफल होते हे और दोनों यह सोचकर दुखी होते हे की उनका साथी उसे समजता नहीं हे, पत्नी सोचती रहती हे की उसका पति उसे नहीं समजता और पति सोचता रहता हे की उसकी पत्नी उसे नहीं समजती.

अपने Partner को सुनने के सोनेरी फायदे 

यदि इसका एक छोटासा उदाहरन दिया जाए तो, wife के phone से किसी कारणवश सभी photos और videos delete हो जाते हे, इस बात का wife को काफी दुःख हे और वह यह दुःख अपने husband से share करती हे, husband उसका दुःख समजने के बजाय उसे काफी बाते सुनाता हे जैसे, तुम्हे mobile use करना ही नहीं आता, ऐसा कैसे हो सकता हे, में तो इतने सालो से mobile use कर रहा हु मेरे तो कभी photos और videos delete नहीं हुए या backup लेने के लिए सलाह देने लगेगा.

ऐसे मौके पर उसे आपके ताने और सलाह की जरुरत नहीं हे लेकिन सहानुभूति की जरुरत हे, उसके दुःख को समजने की जरुरत हे.t

To solve relationship questions:-

“जिन्दगी की आधी परेशानिया ऐसे ही दूर हो जाये, अगर हम एक दुसरे के बारेमे बोलने के बजाय एक दुसरे से बोलना सिख ले”.

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दूसरी सभी चीजे व्यर्थ होगी जब आपको relationship की सही किम्मत पता चलेगी 

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Relationship में सुख प्राप्ति की इच्छा दोनों तरफ से होती हे और यह तभी पूर्ण होती हे जब दोनों साथी अपने से ज्यादा अपने साथी के सुख का विचार करे.

ऊपर दी गई बातो पर गहराई से विचार कर, चिंतन कर आप सूखी सहजीवन की प्राप्ति कर सकते हे और सभी relationship questions का जवाब खुद ही प्राप्त कर सकते हे.

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